पूर्वोत्तर भारत केंद्रित विशेषांक

अनुक्रमणिका

संपादकीय

भारतबोध का यह प्रथम अंक है। आशा है कि संस्कृति, साहित्य, रंगमंच, मानविकी, समाज विज्ञान, लोकलालित्य, प्रदर्शनकारी कलाओं और शिल्प कलाओं की यह शोध पत्रिका आप सभी की बौद्धिक तथा लोकसांस्कृतिक जिज्ञासाओं को शांत करने का माध्यम बनेगी। कला, साहित्य और संस्कृति केंद्रित आलेखों द्वारा समस्त भारत के संवेदना-तंतुओं का संस्पर्श करने का उद्देश्य लेकर यह पत्रिका स्वयं को विस्तार देगी। पत्रिका में हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं के शोधपत्रों को स्थान दिया जाएगा। इस अंक में हमारा प्रयास भारत से सहज अनुराग रखने वाले विद्वानों, जिज्ञासु अध्येताओं एवं शोधार्थियों को पत्रिका के माध्यम से एक वैचारिक मंच प्रदान करना है। यह अंक पूर्वोत्तर भारत के साहित्य और कला के साथ संवाद-कामना से निर्देशित है।…

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