अनुक्रमणिका
संपादकीय
‘भारतबोध’ पत्रिका का यह चौथा अंक है। यह अंक भी सुधि पाठकों के वैचारिक पटल को समृद्ध बनाने में सहायक सिद्ध हो यही प्रयास है। यह अंक भारत के इतिहास में वीरता, साहस और नेतृत्व का प्रतीक कही जाने वाली ‘रानी दुर्गावती’ को समर्पित है। इसका प्रमुख उद्देश्य है भारत की संपन्न और सुदृढ़ ऐतिहासिक विरासत को पाठकों के बीच उजागर कर उसे संरक्षण प्रदान करना। भारत की संपन्न ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में रानी दुर्गावती की जीवनी और उनकी वीरता का पुनरावलोकन करते हुए इतिहास में महिलाओं के योगदान को मान्यता और सम्मान देने की महत्वाकांक्षा को साकार करना है। आपको ज्ञात है कि भारतीय इतिहास में मुगल काल की अपनी एक महत्ता, विशेषताएं एवं कार्य हैं जो कि पाठकों के एक बड़े समूह को सहज ही अपनी ओर आकृष्ट करती हैं। रानी दुर्गावती की जीवन गाथा पर केन्द्रित ‘भारतबोध’ का प्रस्तुत अंक रानी दुर्गावती की विशेषता, उनके योगदान की महत्ता, और उनके व्यक्तित्व का विस्तृत विश्लेषण करता है। यह अंक इतिहास में मानव की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं भावनात्मक अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करता है। इतिहास सामाजिक जीवन के मूल्य की सम्यक संरचना का आधार है। किसी समाज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि उसमें पाए जाने वाले उच्चतम मूल्य एवं आदर्श की वह चेतना है जो व्यक्ति को मनुष्य बनाए रखती है।…
- शौर्य की सांस्कृतिक विरासत : रानी दुर्गावती- प्रो. चन्दन कुमार
- 1. रानी दुर्गावती यशोगाथा- अतुल दुबे
- 2. वीरांगना रानी दुर्गावती का साम्राज्य और युद्धनीति- आनंद सिंह राणा
- 3. सौंदर्य, शील और सुशासन की देवी रानी दुर्गावती- ए.डी.एन. वाजपेयी
- 4. दुर्गावती से बन गई एक वीरांगना रानी- गिरिजा शंकर अग्रवाल
- 5. Rani Durgawati: Voice of Heroic History- Jyoti Yadav
- 6. एक ‘रानी’ के ‘देवी’ हो जाने की महागाथा – पीयूष कमार दूबे
- 7. महान साम्राज्ञी रानी दुर्गावती : धार्मिक एवं सांस्कृतिक संरक्षण और तत्कालीन न्यायिक प्रशासनिक व्यवस्था – प्रकाश उइके
- 8. वीरांगना रानी दुर्गावती की गौरव-गाथा- बुधपाल सिंह ठाकुर ‘वनराज’
- 9. अमृतकाल में रानी दुर्गावती के विचारों की प्रासंगिकता- योगेंद्र ‘भारद्वाज’
- 10. रानी दुर्गावती के जनहित कार्यों का अध्ययन- रेखा पटेल
- 11. राजमाता रानी दुर्गावती बलिदान-दिवस- लक्ष्मण राज सिंह मरकाम ‘लक्ष्य’
- 12. वीरांगना रानी दुर्गावती की शासन-व्यवस्था (अष्ट आभूषण के विशेष संदर्भ में)-विपिन बिहारी ब्यौहार
- 13. उर्वरा सर्वतो भूमि- शंकर दयाल भारद्वाज
- 14. A Historical Analysis of Rani Durgawati: The Indomitable Queen of the Narmada Valley- Sanjeev Kumar Mishra
- 15. राष्ट्र-प्रेम की धधकती आग : रानी दुर्गावती- सरोज गुप्ता